ऋतिक रोशन व कंपनी के वकालतनामों पर उठाए सवाल, फर्जी बता खारिज करने की मांग

भ्रामक विज्ञापन का मामला : ऋतिक की ओर से पेश दस्तावेजों में आठ अधिवक्ताओं के नाम, हस्ताक्षर चार के ही, एक वकालतनामे में रजिस्ट्रेशन नंबर, स्थान और तारीख भी दर्ज नहीं, जिसने नोटेरी की उसका लाइसेंस 6 माह पहले ही निलंबित हो चुका

झालावाड़।
स्थानीय उपभोक्ता कोर्ट में फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन और एक काेल्ड िड्रंक्स कंपनी से जुड़े भ्रामक विज्ञापन मामले में उनके अधिवक्ताओं की अाेर से कोर्ट में पेश किए गए वकालतनामों पर परिवादी अधिवक्ता ने सवाल उठाते हुए उसे फर्जी बताते हुए अस्वीकार करने की मांग की है।
परिवादी अधिवक्ता गुरुचरण सिंह ने बताया कि उपभोक्ता कोर्ट ने 12 फरवरी को इस मामले में अभिनेता ऋतिक राेशन अाैर काेल्ड िड्रंक्स कंपनी काे नोटिस जारी किए थे। इसके जवाब में ऋतिक रोशन और कंपनी की ओर से 12 मार्च को तीन स्थानीय अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा था, लेकिन उनको इस पर संदेह होने पर इन दस्तावेजों को अमान्य घोषित कर नए वैध वकालतनामों के साथ फिर से पेश होने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने शुक्रवार को उपभोक्ता कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया है।
वकालतनामे में यह बताई खामियां
उन्होंने आरोप लगाया कि वकालतनामों में कई गंभीर खामियां हैं। दस्तावेजों में आठ अधिवक्ताओं के नाम दर्ज हैं, जबकि हस्ताक्षर केवल चार के हैं। इसके अलावा एक वकालतनामे में रजिस्ट्रेशन नंबर, स्थान और तारीख जैसी आवश्यक जानकारी भी दर्ज नहीं है। साथ ही जिसने नोटेरी की है उसका लाइसेंस 6 माह पहले निलंबित हो चुका है। एेसे में उसकी नोटेरी कैसे मान्य हाे सकती है।
यह है पूरा मामला
भ्रामक विज्ञापन के आरोप में उपभोक्ता कोर्ट ने 12 फरवरी को अभिनेता ऋतिक रोशन और काेल्ड िड्रंक कंपनी को नोटिस जारी किए थे। परिवादी अधिवक्ता गुरुचरण सिंह का आरोप है कि विज्ञापन में उत्पाद के सेवन से असाधारण ऊर्जा और साहस मिलने का दावा किया जाता है, जो वास्तविकता से परे है। उन्होंने स्वयं इस उत्पाद का उपयोग किया, लेकिन कंपनी के ऐसे किसी प्रभाव का अहसास नहीं हुअा।

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