पांच साल पुराने हत्याकांड में 11 लोगों को आजीवन कारावास

झालावाड़ में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने 5 साल पुराने एक हत्याकांड में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में 11 दोषियों को आजीवन कारावास और 1 दोषी को 5 साल की सजा सुनाई है। दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है।अपर लोक अभियोजक एडवोकेट विनोद गोचर ने बताया कि यह फैसला गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड से संबंधित है। कोर्ट के इस फैसले को एक साथ इतने लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के कारण ऐतिहासिक बताया जा रहा है।गैंगस्टर मुख्तार मलिक हत्याकांड से जुड़ा है पूरा मामला गोचर ने बताया कि 2 जून 2022 को फरियादी जुगलकिशोर मीणा पुत्र नंदकिशोर मीणा निवासी शिवनगर, आनंद नगर, भोपाल ने असनावर अस्पताल में पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया था।प्रार्थना पत्र में जुगलकिशोर मीणा ने बताया था कि उनके बड़े भाई कमल किशोर मीणाा, मछली ठेकेदार व्यापारी मुख्तियार मलिक निवासी भोपाल के यहां झालावाड़ के कालीसिंध डैम पर मछली और डैम की चौकीदारी का काम करते थे। करीब 7-8 दिन पहले कमल किशोर डैम पर काम करने के लिए मुख्तियार मलिक के पास कालीसिंध डैम, झालावाड़ आए हुए थे।31 मई 2022 की रात हुआ था हमला मुख्तियार के भीमसागर डैम का भी मछली पकड़ने का ठेका है। 31 मई 2022 को रात को मुख्तियार मलिक के साथ कमल किशोर और शफीक मोहम्मद रीछवा, शकील मोहम्मद रीछवा, सलमान रीछवा, विजय कुमार रीछवा, अखलाक खां, गोविन्दा, शोयब हुसैन झालावाड़ तथा 2-3 और भी आदमी नाव से भीमसागर डैम की चौकीदारी और निगरानी के लिए आए थे।कांसखेड़ली में घात लगाकर बैठे बदमाशों ने की फायरिंग जो रात को करीब 1-2 बजे कांसखेड़ली गांव के पास पानी में पहुंचे। इस दौरान घात लगाकर बैठे आरोपी अब्दुल बंटी पुत्र अब्दुल हफीज कांसखेड़ली, वसीम अहमद राजा पुत्र अब्दुल हकीम निवासी किशनपुरा आंतरी और उसके साथ 8-10 अन्य लोगों ने मुख्तियार मलिक, कमल किशोर और उनके साथ अन्य लोगों पर जान से मारने के लिए फायरिंग कर हमला कर दिया।इससे कमल किशोर को गोली लगी और वो नाव से पानी में गिर गया और वही मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान और भी लोगों को गोली लगी, लेकिन वे नाव से कूदकर भाग गए।हमले में मुख्तार मलिक भी मारा गया था अगले दिन 1 जून 2022 को पूरे घटनाक्रम का पता चला। सूचना के बाद परिजन पहुंचे और कमल किशोर के शव को असनावर अस्पताल लेकर आए। कमल किशोर का शव असनावर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था। इस पर पुलिस थाना आसनावर में दर्ज प्रकरण में अनुसंधान किया। इस प्रकरण में मछली ठेकेदार मुख्तार मलिक की भी मौत हुई थी।इस मामले में अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार गोचर ने राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी करते हुए 44 गवाह व 94 दस्तावेज पेश करवाए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।

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